
धर्मजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत चरखापारा में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल योजना वर्षों पहले शुरू की गई थी। गांव में पाइपलाइन और नल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, लेकिन आज तक योजना से एक बूंद पानी भी ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई व्यवस्था केवल दिखावा बनकर रह गई है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है

गांव के लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में उन्हें पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई परिवार हैंडपंप और अन्य अस्थायी स्रोतों पर निर्भर हैं, जहां भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब हर घर नल योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, तो चरखापारा के लोग आज भी पानी की समस्या से क्यों जूझ रहे हैं। योजना अधूरी छोड़ने और संचालन शुरू नहीं होने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द योजना चालू कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।