सरगुजा जिले के थाना गांधीनगर क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़े मामले में पुलिस ने 10 नवयुवकों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी सुजीत मंडल की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 649/2025 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पहले अनीश गिरी, सद्दाम आलम और वर्षा सिंह पोर्ते को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। आगे की पूछताछ में पता चला कि अंबिकापुर के कुछ युवक गेमिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पैसों को अपने एवं अन्य लोगों के बैंक खातों में प्राप्त कर एटीएम और सीडीएम मशीन के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर करते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था।
पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर 10 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां सभी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल जब्त किए हैं। मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक अमृत सिंह, अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह तथा साइबर थाना से प्रवीण प्रताप सिंह और विकास तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि आरोपी कुछ पैसों के लालच में अपने बैंक खाते और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे तथा स्वयं एटीएम से रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करते थे।
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि बच्चों और युवाओं को ऐसे लालच से दूर रहने के लिए जागरूक करें। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, सिम कार्ड, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। “घर बैठे कमाई”, “आसान ऑनलाइन इनकम” और “कम समय में ज्यादा मुनाफा” जैसे ऑफर अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। पुलिस ने लोगों से अनजान लिंक, कॉल और मैसेज से सतर्क रहने तथा साइबर अपराधियों के लिए “म्यूल अकाउंट” न बनने की अपील की है।
