जशपुर। पुलिस कार्यालय जशपुर में 6 जुलाई 2026 को आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा शाखा प्रभारियों के साथ लंबित अपराधों, चालानों, शिकायतों और मर्ग प्रकरणों की अनुविभागवार समीक्षा की। उन्होंने पुराने लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए विवेचकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण जांच करने के लिए सचेत किया। बेहतर कार्य करने वाले थाना प्रभारियों को पुरस्कृत करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

बैठक में अवैध शराब, गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, गौ-तस्करी तथा अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्रभावी और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी एवं एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अभियान को और तेज करने तथा दोषसिद्धि बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए साइबर सेल को सभी थाना-चौकियों को तत्काल तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साइबर पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण पर बल देते हुए कहा गया कि तकनीकी जांच में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
डीआईजी एवं एसएसपी ने सामुदायिक पुलिसिंग की पहल ‘पुलिस मितान’ को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना एवं चौकी प्रभारियों से कहा कि पुलिस मितानों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर उन्हें कानून-व्यवस्था, यातायात सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा जैसे जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा प्रभारी अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान की जिम्मेदारी सौंपने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में जिलेभर में बैरिकेड लगाकर सघन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने और शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना बताया गया।
