जशपुर पुलिस ने चौकी करडेगा क्षेत्र के एक गांव में 09 वर्ष की नाबालिक बालिका से दुष्कर्म के आरोप में 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को काल परिसीमा अवधि में बाल संप्रेषण गृह भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चौकी करडेगा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) और पॉस्को एक्ट की धारा 5 डी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित जांच‑विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना 15 मार्च 2026 की बताई जा रही है, जब पीड़ित बालिका अपने माता‑पिता के साथ पड़ोसी गांव में रिश्तेदार के जन्मदिन समारोह में उपस्थित थी और शौच के लिए बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी बालक ने उसे खेत की ओर ले जाकर दुष्कर्म किया, जिसके बाद पीड़ित बच्ची में रोने व शारीरिक सूजन जैसे लक्षण दिखने पर परिजनों को आपत्तिजनक घटना का पता चला। परिवार ने गांव व रिश्तेदारों से परामर्श के बाद 15 अप्रैल 2026 को चौकी करडेगा में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ अपराध‑स्वीकार के आधार पर काल परिसीमा अवधि में बाल संप्रेषण गृह भेजने की कार्रवाई की।
जशपुर पुलिस ने इस मामले में बच्चों व महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति दृढ़ निर्णय व त्वरित कार्यवाही की छवि दोहराई है। चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक टेकराम सारथी, सहायक उप निरीक्षक प्रेमिका कुजूर तथा आरक्षक पंकज तिर्की, रामबृक्ष भगत व कुलरंजन एक्का की टीम ने गिरफ्तारी व बाल संप्रेषण गृह भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बच्चों की सुरक्षा व कानून को निष्पक्ष रूप से लागू करने का उदाहरण बताया है।
