रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में लंबे समय से फ्लाई ऐश का परिवहन करने वाली ओवरलोड गाड़ियों की आवाजाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। JPL और डेम से फ्लाई ऐश लोड लेकर हुंकराडीपा, झीकाबहाल सीएचपी चौक होते हुए पाटने के लिए ले जाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक फ्लाई ऐश भरकर सड़क पर दौड़ाया जा रहा है, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
सबसे गंभीर सवाल वाहनों के डाले को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि अधिक मात्रा में फ्लाई ऐश भरने के लिए कुछ वाहनों के डाले को निर्धारित क्षमता से ज्यादा ऊंचा या बड़ा किया गया है। यदि ऐसा है तो यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहन चालकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
अब सवाल यह है कि तमनार क्षेत्र में लंबे समय से चल रही ऐसी ओवरलोड गाड़ियों पर संबंधित विभाग कब कार्रवाई करेगा? क्या परिवहन विभाग और प्रशासन द्वारा वाहनों की वास्तविक क्षमता, डाले की बनावट और लोड की जांच की जाएगी? यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार वाहन मालिकों और संचालकों पर कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे का इंतजार न करना पड़े।
तमनार क्षेत्र में लंबे समय से दौड़ रही फ्लाई ऐश की ओवरलोड गाड़ियों को लेकर प्रशासन की खामोशी पर अब सवाल उठने लगे हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक फ्लाई ऐश लादकर सड़कों पर दौड़ते भारी वाहन क्या आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं? JPL और डेम से हुंकराडीपा, झीकाबहाल सीएचपी चौक होते हुए लगातार हो रहे परिवहन के बीच यदि नियमों की अनदेखी हो रही है, तो प्रशासन और परिवहन विभाग आखिर जांच और कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? सवाल सीधा है—क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी?
