रायगढ़ पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख 38 हजार 500 रुपये की ठगी करने वाले आरोपी हरीश मिश्रा को जशपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर की संविदा नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवती से नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम वसूली थी। लंबे समय तक नियुक्ति नहीं होने पर आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में “कॉल मी सर्विसेस” संस्था के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब पीड़िता दस्तावेज लेकर कलेक्ट्रोरेट पहुंची तो जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी निकला।
थाना कोतरारोड़ में दर्ज शिकायत के मुताबिक ग्राम कोतरा निवासी पदिमनी यादव ने बताया कि उसकी पहचान भतीजी के माध्यम से आरोपी से हुई थी। आरोपी ने 09 फरवरी से 22 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में 3,38,500 रुपये ले लिए। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। एसएसपी के निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और मुखबिर सूचना पर जशपुर में दबिश देकर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने रकम लेना स्वीकार किया तथा बताया कि अधिकांश पैसे खर्च हो चुके हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रियलमी मोबाइल फोन और 900 रुपये नकद जब्त किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्यरत रह चुका है। गिरफ्तारी कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, निरीक्षक शील कुमार आदित्य सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नौकरी, सरकारी भर्ती या प्रभाव का झांसा देकर पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें और किसी भी नियुक्ति की जानकारी केवल अधिकृत शासकीय माध्यमों से ही प्राप्त करें।
