उद्योग और श्रम विभाग के समन्वय से संवर रहा छत्तीसगढ़, योजनाओं से श्रमिकों और उद्योगों को मिल रहा नया बल
रायपुर, 11 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उद्योग और श्रम क्षेत्र में समन्वित विकास की नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रमिकों के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। 12 अप्रैल को उद्योग एवं श्रम मंत्री के जन्मदिन के अवसर पर उनके नेतृत्व में किए गए कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ को प्रगति और समान अवसरों की दिशा में आगे बढ़ाया है।
राज्य के रजत जयंती वर्ष में उद्योग और श्रम विभाग की पहलें केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि धरातल पर व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सीधे खातों में आर्थिक सहायता ने श्रमिक वर्ग को सशक्त किया है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना जैसी पहल के तहत मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
वहीं औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से निवेश को बढ़ावा, नए उद्योगों की स्थापना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर की स्थापना, आईटी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश तथा सिंगल विंडो सिस्टम जैसे प्रशासनिक सुधारों ने राज्य को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन और सामाजिक समावेशन की योजनाओं के साथ छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक विकास से आगे बढ़कर आधुनिक और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है।
