
उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत हाराडुला की रेत खदान को लेकर प्रकाशित खबरों पर जिला खनिज विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। खनिज अधिकारी ने बताया कि “रेत तस्करों के हौसले बुलंद, एनीकट का पानी बहाकर नदी में बनाया अवैध रास्ता” एवं “करोड़ों की लागत से बना एनीकट सूखा” शीर्षक से प्रकाशित समाचार तथ्यात्मक रूप से भ्रामक और निराधार हैं।
खनिज विभाग के अनुसार ग्राम पंचायत हाराडुला को महानदी में रेत खदान संचालन की स्वीकृति दी गई है, जिससे वर्ष 2025-26 में 14 लाख 22 हजार रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पट्टा शर्तों के उल्लंघन पर संबंधित संचालक पर 62 हजार 500 रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। 05 मई को जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा मौके पर जांच की गई, जिसमें रेत उत्खनन एवं परिवहन बंद पाया गया। एनीकट में पर्याप्त जलभराव होने के कारण रैम्प डूबा हुआ था तथा आसपास किसी प्रकार का अवैध उत्खनन या परिवहन नहीं मिला।
खनिज विभाग ने बताया कि हाराडुला क्षेत्र में अवैध भंडारण और परिवहन के 06 प्रकरण दर्ज कर 1 लाख 66 हजार 200 रुपये की समझौता राशि वसूली गई है। चारामा क्षेत्र में कुल 12 रेत खदानें और 11 अस्थायी भंडारण अनुज्ञाएं संचालित हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालकों पर अब तक 8 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। विभाग ने कहा कि सभी स्वीकृत खदानों की सतत निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।