रायगढ़। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में रायगढ़ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा उपलब्ध कराए गए 105 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) का वितरण शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारियों को किया। इन स्मार्ट मोबाइलों के माध्यम से जिले में विवेचना प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू होने के बाद डिजिटल तकनीक की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अब विवेचक घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य संकलित कर सकेंगे, फोटो और वीडियो दस्तावेजीकरण कर पाएंगे, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, केस अपडेट और पुलिस एप्लीकेशन के जरिए त्वरित सूचना का आदान-प्रदान भी कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) के उपयोग से घटनास्थल पर ही आवश्यक डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता बेहतर होगी और न्यायालय में अभियोजन पक्ष अधिक मजबूत होगा। इससे विवेचना की गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
क्राइम मीटिंग के दौरान एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मोबाइल का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए किया जाए। उन्होंने तकनीक आधारित अनुसंधान, डिजिटल साक्ष्य संकलन और गुणवत्तापूर्ण विवेचना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक विवेचक का लक्ष्य समयबद्ध एवं वैज्ञानिक जांच के माध्यम से पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना होना चाहिए।
इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी मुख्यालय सुशांतो बनर्जी, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। रायगढ़ पुलिस ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल पुलिसिंग और नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी एवं त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रतिबद्ध है।
