न्यूजरायगढ़

मांड नदी के जल से चपले में बिना बिजली सिंचाई का मॉडल सफल, सूखा तालाब फिर हुआ लबालब

रायगढ़, 18 अप्रैल 2026। जिले के ग्राम चपले में मांड नदी पर बने एनीकट ने जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास का नया उदाहरण पेश किया है। जहां पहले गर्मी में तालाब सूख जाते थे और पानी के लिए परेशानी होती थी, वहीं अब हाइड्रोपंपिंग तकनीक से बिना बिजली के पानी गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इस नवाचार ने न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से मिसाल कायम की है, बल्कि ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाया है।

एनीकट में संग्रहित जल का उपयोग करते हुए टरबाइन आधारित हाइड्रोपंपिंग प्रणाली विकसित की गई है, जिसके जरिए 280 लीटर प्रति सेकंड जल में से करीब 23 लीटर प्रति सेकंड पानी को लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित तालाब तक पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है कि पूरी व्यवस्था बिना बिजली के संचालित हो रही है, जिससे लागत कम होने के साथ यह पर्यावरण के अनुकूल समाधान बन गया है। इस परियोजना में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बंगलुरु के तकनीकी सहयोग और प्रोफेसर पुनीत सिंह के मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही है।

जिला प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और अधिकारियों के नियमित निरीक्षण से योजना समय पर पूरी हो सकी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। अब खेतों में सिंचाई बेहतर हो रही है और दूसरी फसल लेने की उम्मीद बढ़ी है। साथ ही महिलाओं को निस्तारी के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है। जो तालाब पहले सूख जाता था, वह अब फिर से भरने लगा है, जिससे गांव में हरियाली और संतोष का माहौल नजर आ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button