पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की पहल पर बिलासपुर रेंज में “अनुभव” क्यू आर कोड की शुरुआत, जनता सीधे दे सकेगी आईजी को फीडबैक
बिलासपुर पुलिस रेंज में एक ऐतिहासिक नवाचार के रूप में “अनुभव” क्यू आर कोड प्रणाली का शुभारंभ किया गया। पुलिस लाइन के चेतना हाल में आयोजित कार्यक्रम में संभाग आयुक्त अनिल जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की उपस्थिति में इस पहल की शुरुआत हुई। रेंज के सभी जिलों—कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सारंगढ़ और सक्ती के पुलिस अधीक्षक भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
इस नई व्यवस्था के तहत आम नागरिक थाने में लगे क्यू आर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर सीधे फीडबैक दे सकेंगे। स्कैन करते ही एक सरल गूगल फॉर्म खुलेगा, जिसमें प्रश्नोत्तर के माध्यम से व्यक्ति अपना अनुभव साझा कर सकेगा। यह फीडबैक सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पहुंचेगा। फीडबैक देने वाले को अपनी पहचान और मोबाइल नंबर गोपनीय रखने का विकल्प भी दिया गया है, जिससे लोग निर्भीक होकर अपनी बात रख सकेंगे।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने कहा कि पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है। इस पहल से जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा तथा थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे आमजन बिना किसी कार्यालय के चक्कर लगाए अपनी समस्या सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। संभाग आयुक्त अनिल जैन ने इसे वर्तमान समय की महत्वपूर्ण जरूरत बताया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि बिलासपुर जिले के सभी थानों में क्यू आर कोड लगा दिए गए हैं और आज से यह व्यवस्था पूरे रेंज में लागू हो गई है। रायगढ़ के एसएसपी शशिमोहन सिंह, मुंगेली के एसएसपी भोजराम पटेल तथा कोरबा के एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने भी इसे पुलिसिंग को बेहतर बनाने वाली सार्थक पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान “अनुभव” के उपयोग से संबंधित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए और आम नागरिकों से इस व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई।
