रायगढ़, 14 नवम्बर 2025/ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महापर्व 15 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने धनागर-कोतरा एवं कोड़ातराई धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, छाया, काटा-बांट, आर्द्रतामापी यंत्र, बारदाना, सुरक्षा और ड्रेनेज सहित सभी व्यवस्थाओं को चेकलिस्ट के अनुसार समय पर पूर्ण करने निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि खरीदी केंद्र संचालन हेतु राजस्व, कृषि, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्रवार जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले के 69 समितियों के माध्यम से 105 उपार्जन केंद्रों में खरीदी होगी। पुसौर में 22, खरसिया 22, धरमजयगढ़ 16, लैलूंगा 12, घरघोड़ा 8, रायगढ़ 16 और तमनार में 9 केंद्र संचालित होंगे। इनमें 15 केंद्र संवेदनशील और 4 अति संवेदनशील श्रेणी में हैं।
अवैध धान की आवक रोकने 24 अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां तीन पालियों में टीमें 24 घंटे निगरानी करेंगी। ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप से जारी होंगे टोकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने ऐप के माध्यम से सुबह 8 बजे से टोकन जारी होंगे। सोसायटी संचालक 9.30 बजे से टोकन जारी कर सकेंगे। लघु एवं सीमांत किसानों को 2 और बड़े किसानों को अधिकतम 3 टोकन मिलेंगे। आधार आधारित ओटीपी अनिवार्य होगा।
ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता समाप्त
एग्रीस्टेक पोर्टल से ऋण पुस्तिका का डेटा स्वतः लिंक रहेगा। पात्रता और पहचान स्वतः सत्यापित होगी। सभी किसानों के खातों में भुगतान डिजिटल माध्यम से होगा। कई श्रेणियों को पंजीयन से छूट दी गई है। शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर – 1800-233-3663 धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग संबंधी शिकायतों पर तीन दिन के भीतर कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्रों में यह नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित रहेगा।
