संघर्ष से सफलता: मजदूरी कर भाई ने बहन को पढ़ाया, अब सब-इंस्पेक्टर बनकर श्रद्धा कर्ष ने पूरा किया सपना
जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा गांव की रहने वाली श्रद्धा कर्ष ने सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में पली-बढ़ी श्रद्धा की सफलता के पीछे उनके बड़े भाई विवेक कुमार कर्ष का बड़ा त्याग छिपा है, जिन्होंने कम उम्र में मजदूरी कर बहन की पढ़ाई जारी रखी। हाल ही में ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटने पर श्रद्धा का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
परिवार ने कई कठिन दौर देखे, जिसमें वर्ष 2019 की बारिश में उनका कच्चा मकान भी ढह गया था और उन्हें किराए के घर में रहना पड़ा। आर्थिक तंगी इतनी थी कि भाई विवेक अपनी शादी तक नहीं कर सके, क्योंकि उनका पूरा ध्यान बहन को पढ़ाकर आगे बढ़ाने पर था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धा ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत कर अपने लक्ष्य को हासिल किया।
सफलता मिलने के बाद श्रद्धा ने सबसे पहले अपने भाई के सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने अपनी नौकरी से पक्का मकान बनवाने की शुरुआत की है, ताकि परिवार को स्थायी छत मिल सके और भाई का घर बस सके। श्रद्धा की यह कहानी त्याग, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों की मिसाल बनकर पूरे समाज को प्रेरित कर रही है।
