जिले में शांति व कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता, समन्वय से सख्त कार्रवाई के निर्देश
रायगढ़, 31 जनवरी 2026/ जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने संयुक्त रूप से जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शांति एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व व पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, सूचना तंत्र मजबूत करने तथा संभावित घटनाओं की जानकारी तत्काल वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अफवाहों पर त्वरित कार्रवाई और सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने पर जोर देते हुए कहा कि सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सड़क सुरक्षा के संबंध में उन्होंने गोल्डन ऑवर के भीतर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया। बताया गया कि 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं की जीपीएस से निगरानी की जा रही है तथा मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन राशि व प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाते हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि समय पर मिली सटीक सूचना से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है, इसलिए सभी अधिकारी अलर्ट मोड में रहें। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई, नशीली दवाओं के अवैध विक्रय पर नियंत्रण तथा मेडिकल दुकानों में बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। स्कूल व महाविद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एजुकेशन, इंजीनियरिंग और एनफोर्समेंट के समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया। ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग को प्रभावी बनाने की बात कही गई। बैठक में शांति समितियों के सुदृढ़ीकरण, अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकरणों के त्वरित निराकरण और हिट-एंड-रन मामलों सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, अक्षय डोसी, अपूर्व प्रियेश टोप्पो, रवि राही, प्रियंका वर्मा, राकेश गोलछा, पूजा बंसल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
