रायगढ़ जिले में बेखौफ दौड़ रही फ्लाई ऐश की ओवरलोड गाड़ियां, जिला प्रशासन बेखबर, आखिर क्यों?
जिले की सड़कों पर इन दिनों फ्लाई ऐश से लदी ओवरलोड गाड़ियां बेखौफ दौड़ रही हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दिन-रात भारी मात्रा में बिना किसी रोक-टोक के ये वाहन गुजर रहे हैं, जिनसे सड़कें खराब हो रही हैं और हादसों की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है।
ओवरलोडिंग के कारण न केवल ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है, बल्कि इन गाड़ियों से उड़ने वाली राख से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक बन गई है। इसके बावजूद परिवहन विभाग और प्रशासन की निगरानी न के बराबर दिखाई दे रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में चुप क्यों हैं। क्या नियमों की अनदेखी जानबूझकर की जा रही है या फिर किसी दबाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो जाएगा।
रायगढ़ में ओवरलोड गाड़ियों पर आरटीओ की प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के पीछे कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनमें संसाधनों की कमी, सीमित अमला, निगरानी में ढिलाई और संभावित दबाव या मिलीभगत जैसी बातें चर्चा में हैं। लगातार शिकायतों और सड़कों पर साफ दिख रही ओवरलोडिंग के बावजूद ठोस कार्रवाई का अभाव यह संकेत देता है कि या तो चेकिंग अभियान नियमित और सख्त नहीं हैं या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है, जिससे वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं और नियमों की खुलेआम अनदेखी जारी है।
