रायपुर में हीटवेव अलर्ट : गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क, अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष तैयार
रायपुर, 8 मार्च 2026। राज्य में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार जिला अस्पतालों सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के तहत जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष सक्रिय रखने को कहा गया है। इन केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों और शीतलन संबंधी व्यवस्थाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। रायपुर और दुर्ग जिला अस्पतालों में ऊष्मा आघात कक्ष बनाए जा चुके हैं, वहीं अन्य जिलों में भी ऐसे कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम की राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्मृति देवांगन के अनुसार अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने से शरीर में हीट स्ट्रेस की स्थिति बन सकती है। इसके लक्षणों में हीट रैश, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और उल्टी शामिल हैं। गंभीर स्थिति में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाने पर हीट स्ट्रोक की स्थिति बनती है, जिसे चिकित्सकीय आपातकाल माना जाता है।
