धान खरीदी में सख्ती: लापरवाही पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, तीन निलंबित, दो का वित्तीय प्रभार समाप्त
रायगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य में अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विभिन्न उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण में शासन निर्देशों की अनदेखी, ढाला पद्धति से धान परीक्षण न करना और बिना जांच तौल जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आने पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से दोषी समिति प्रबंधक एवं सहायकों पर कार्रवाई की गई है।
सहकारिता विभाग की जांच में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जमरगीडी एवं कापू के सहायक समिति प्रबंधकों द्वारा बार-बार निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर उनका वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया। वहीं छाल, कोड़ासिया एवं खड़गांव समितियों में गंभीर लापरवाही, जवाब प्रस्तुत न करने तथा दुर्व्यवहार की पुष्टि होने पर संबंधित समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारी एवं सहायक समिति प्रबंधकों को निलंबित किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी अवधि में ESMA लागू है और उपार्जन कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों को आवश्यक सेवाओं के तहत कार्य करना अनिवार्य है। सभी समितियों को निर्देशित किया गया है कि धान खरीदी पूरी पारदर्शिता, नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
