रायपुर : खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक – मंत्री रामविचार नेताम
रायपुर, 13 फरवरी 2026। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम गुरुवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए। यह समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित हुआ। 10 से 12 फरवरी 2026 तक चले इस खेल महोत्सव में ग्रामीण और शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंत्री ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है और विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को संभाग एवं राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर अभ्यास करने की प्रेरणा दी। इस आयोजन में कुल 67,380 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
समापन अवसर पर मंत्री ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शंकरगढ़ एवं बलरामपुर के मध्य आयोजित बालिका रस्साकसी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से परिचय कर उनका मनोबल बढ़ाया। तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीर चलाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर एवं बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी मारकूस कुजूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और आम नागरिक उपस्थित रहे।
जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया। व्यक्तिगत खेलों में एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती और कराटे शामिल रहे, जबकि दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल आयोजित हुए। प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) में संपन्न हुईं।
