लैलूंगा/झरन, रायगढ़।
ग्राम पंचायत झरन में मनरेगा घोटाले का खुलासा करने वाले ग्रामीण कन्हैया दास महत ने अब अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने थाना लैलूंगा में अग्रिम सुरक्षा सूचना देकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि पंचायत के रोजगार सहायक दुर्योधन प्रसाद यादव और उसके समर्थक उन पर हमला करने या झूठे मामले में फँसाने की साजिश रच सकते हैं।
कन्हैया महत ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि वे लंबे समय से झरन पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का पर्दाफाश कर रहे हैं। इस संबंध में वे पहले भी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ, यहां तक कि मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुँचा चुके हैं। उनका कहना है कि—“मैंने पंचायत के भ्रष्टाचार से जुड़े कई सबूत प्रशासन को सौंपे हैं।”
कन्हैया महत ने थाना प्रभारी से निवेदन किया है कि उनकी शिकायत को अग्रिम सुरक्षा सूचना के रूप में दर्ज किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट लिखा है कि अगर भविष्य में उनके साथ कोई अनहोनी, दुर्घटना या झूठा प्रकरण होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी रोजगार सहायक दुर्योधन यादव और उसके सहयोगियों की होगी।
इस आवेदन के साथ उन्होंने अपने पूर्व में दिए गए सभी आवेदनों की प्रतिलिपियाँ भी थाने को सौंपी हैं। यह मामला अब और गंभीर हो गया है क्योंकि इससे पहले “झरन पंचायत में फर्जी बिलिंग और मनरेगा घोटाले” की खबर ने जनपद और जिला प्रशासन में हड़कंप मचा दिया था। लगातार सामने आ रहे दस्तावेज़ों से पंचायत स्तर पर गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई हैं।
